मथुरा स्थित दक्षिण शैली के विशाल रंगनाथ मंदिर में बैकुंठ एकादशी पर बैकुंठ द्वार खोला गया। पालकी में विराजमान भगवान रंगनाथ ने भक्तों को दर्शन दिए। मान्यता है कि इस द्वार से निकलने वाले भक्त बैकुंठ धाम की प्राप्ति करते हैं।
बैकुंठ उत्सव की शुरुआत मंगला आरती से हुई और ब्रह्म मुहूर्त में भगवान माता गोदा जी के साथ निज मंदिर से पालकी में होकर द्वार पहुंचे। पूजा-पाठ एवं वैदिक मंत्रोचार के बाद भगवान रंगनाथ का दर्शन मन्दिर प्रांगण और पौंडानाथ मंदिर में किया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और श्रद्धालुओं के लिए चाय, दूध, हलवा प्रसाद, अलाव व मैट जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। भक्तों की भारी भीड़ में सर्दी के बावजूद भक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।








