वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में भंडारियों को हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के कथित मौखिक आदेश पर मंदिर प्रबंधन द्वारा भंडारियों को कार्य से हटाए जाने के बाद श्रद्धालुओं का माला-प्रसाद ठाकुर जी को अर्पित नहीं हो सका, जिससे मंदिर परिसर में अव्यवस्था फैल गई।
मंदिर सेवायतों ने आरोप लगाया कि बिना किसी लिखित आदेश के परंपरागत व्यवस्था बदली गई है, जो श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। सेवायत रजत गोस्वामी ने कहा कि भंडारियों को जगमोहन और चंदन कोठरी में प्रवेश से रोके जाने के कारण भीड़ बढ़ी और श्रद्धालु परेशान हुए।
सेवायतों का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद मौखिक आदेश के आधार पर कार्रवाई की गई, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। वहीं पुराने भोग भंडार को पुनः शुरू करने की मांग भी उठाई गई है। मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था में बदलाव को लेकर सेवायतों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बनी हुई है।













