शाहजहाँपुर। स्वामी शुकदेवानंद पीजी कॉलेज के वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय ‘प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम’ (MDP) के अंतर्गत विशेषज्ञों ने सफलता और व्यक्तित्व विकास के सूत्र साझा किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली की इतिहास विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना ने “स्व-प्रेरणा की तकनीकें” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नेतृत्व और प्रेरणा का संगम
डॉ. प्रिया सक्सेना ने अपने व्याख्यान में कहा कि नेतृत्व का गुण केवल पद से नहीं, बल्कि आचरण से आता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा, “हमें लोकप्रिय और सफल नेताओं की कार्यशैली का अध्ययन करना चाहिए और उनके जीवन के नैतिक मूल्यों को अपने व्यवहार में उतारना चाहिए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आंतरिक प्रेरणा (Self-Motivation), लक्ष्य के प्रति एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की असली कुंजी हैं।
चुनौतियों से लड़ने के बताए उपाय
अपने संबोधन में डॉ. प्रिया ने स्व-प्रेरणा की व्यावहारिक तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग ‘टालमटोल’ की प्रवृत्ति के कारण पिछड़ जाते हैं, जिसे त्यागना अनिवार्य है। उन्होंने अच्छी आदतों के निर्माण और कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने के तरीके बताए, ताकि शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना किया जा सके।
अतिथियों का सम्मान
इससे पूर्व, कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. प्रिया सक्सेना का कॉलेज परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत किया गया। जागृति गुप्ता ने उन्हें चंदन तिलक लगाया और डॉ. बरखा सक्सेना ने पटका पहनाकर उनका अभिनंदन किया।
वरिष्ठ शिक्षकों की उपस्थिति
इस बौद्धिक सत्र में वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग अग्रवाल, डॉ. शिवानी भारद्वाज, डॉ. कमलेश गौतम, डॉ. बलवीर, डॉ. आशीष गोयल, डॉ. केशव, बृज लाली, पोथी राम सिंह, अपर्णा त्रिपाठी और डॉ. मोहनी शंकर सहित कॉलेज के अन्य शिक्षक व भारी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
महान नेताओं के आचरण से सीखें नेतृत्व के गुण: डॉ. प्रिया सक्सेनाShahjahanpur|Liberal media
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