लिबरल मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘एपीस्टिंन फाइल’ का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कुछ लोगों ने बताया कि किसी फाइल को दबाने के लिए इस मुद्दे को हाईलाइट किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन अब जो सामने है उसे सभी देख रहे हैं। उनका कहना था कि आज किसी के बारे में कुछ भी कहा जा सकता है और सरकारें ऐसे मामलों को बढ़ावा देती हैं।
हाई कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई को लेकर उन्होंने कहा कि जो होना होगा, वही होगा, उसमें अधिक मन लगाने की आवश्यकता नहीं है।
मठ पर आने को लेकर उन्होंने कहा कि उनसे मिलना बहुत आसान है और वे सुबह से शाम तक कई बार लोगों से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि बिना कैमरा लिए कोई भी मठ परिसर में कहीं भी जा सकता है, लेकिन कैमरा लाने की अनुमति इसलिए नहीं है क्योंकि बच्चों की सुरक्षा का सवाल जुड़ा है।
सरकार को लेकर उन्होंने कहा कि इस समय भाजपा के दो रूप दिखाई दे रहे हैं, इसलिए व्यवहार भी दो तरह का है ।








