नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब्स मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बच्चों तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती सहित कुल 46 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
अदालत ने माना है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीन लेने का यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया। कोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने संगठित तरीके से इस पूरे नेटवर्क को चलाया और सरकारी पद का दुरुपयोग किया। अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध की ओर इशारा करते हैं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए कई लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाई गई और इसके बदले उनके परिजनों के नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर जमीनें ट्रांसफर कराई गईं। यह सौदे बाजार मूल्य से बेहद कम दरों पर किए गए, जिससे सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचा।
अदालत की टिप्पणी के बाद यह मामला अब राजनीतिक गलियारों से निकलकर निर्णायक कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। आरोप तय होने के साथ ही मुकदमे की नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताते हुए लालू परिवार पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
अब सभी की नजरें आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि लैंड फॉर जॉब्स मामले में आरोप किस हद तक दोष सिद्धि तक पहुंचते हैं।
लैंड फॉर जॉब्स केस में लालू परिवार पर शिकंजा, कोर्ट ने तय किए आरोप
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