मऊ। अध्यापकों को कुत्ता पकड़ने और आवारा कुत्तों की संख्या बताने को लेकर फैली अफवाहों पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संतोष कुमार उपाध्याय ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यापकों को न तो कुत्ता पकड़ना है और न ही उनकी संख्या बतानी है। यह पूरी तरह से भ्रामक सूचना है, जिसे फैलाया जा रहा है।बीएसए ने बताया कि शासन और उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में अध्यापकों में से एक को नोडल अध्यापक नामित किया जाएगा, जिसका मोबाइल नंबर विद्यालय में अंकित रहेगा। यदि किसी बच्चे के साथ कुत्ते के काटने या अन्य कोई घटना होती है, तो उसी नोडल अध्यापक को फोन कर सूचना देनी होगी।
सूचना मिलने के बाद नोडल अध्यापक की जिम्मेदारी होगी कि वह बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर उपचार सुनिश्चित कराए। बीएसए ने स्पष्ट किया कि नोडल अध्यापक का कार्य केवल समन्वय और सूचना देना है, इससे अधिक कोई जिम्मेदारी नहीं है।








