कोहरे में नहीं, लापरवाही में जले लोग! मथुरा में 7 बसें–3 कारें टकराईं, 4 जिंदा जले

By Liberal Media

Published On:

Date:

●मनीष शर्मा
मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे एक बार फिर मौत का हाईवे साबित हुआ। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे घने कोहरे में 7 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर के बाद वाहनों में लगी आग ने चार जिंदगियों को जिंदा जला दिया। यह हादसा नहीं, सिस्टम की घातक विफलता है।
प्रश्न यह है कि जब कोहरे का अलर्ट पहले से था, तब एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार नियंत्रण, ट्रैफिक रोक और चेतावनी व्यवस्था कहां थी? क्या बसों और कारों को अंधेरे व शून्य दृश्यता में दौड़ने की खुली छूट दी गई थी?
हादसा थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि धमाकों की आवाज गोलियों जैसी लगी। आग की लपटें उठती रहीं और लोग मदद के लिए चीखते रहे। प्रशासनिक मशीनरी मौके पर पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बचाव किया।
20 एंबुलेंस से 150 लोगों को अस्पताल भेजा गया, लेकिन सवाल यह है कि क्या एक्सप्रेस-वे पर तैनात इमरजेंसी सिस्टम सिर्फ कागजों में ही मौजूद है? डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे, पर क्या जिम्मेदार अफसरों और एजेंसियों पर कोई ठोस कार्रवाई होगी?
हर साल कोहरा आता है, हर साल लाशें गिरती हैं और हर साल जांच के नाम पर फाइलें ठंडी पड़ जाती हैं। मथुरा की यह आग सिर्फ वाहनों में नहीं लगी-यह उस व्यवस्था का दहन है, जो हादसों से सबक लेने को तैयार ही नहीं।

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights