Liberal Media | Mau
वलिदपुर, मऊ। स्थानीय विकास खंड की 83 ग्राम पंचायतों में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी शत-प्रतिशत कराना अनिवार्य कर दिया गया है। खंड विकास अधिकारी कलाधर पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि जिन ग्राम पंचायतों में ई-केवाईसी की प्रगति 75 प्रतिशत से कम रहेगी, वहां मनरेगा के कार्य प्रभावित होंगे और मजदूरी भुगतान में भी बाधा आएगी।
बीडीओ ने बताया कि जिन पंचायतों में रोजगार सेवक तैनात नहीं हैं, वहां ई-केवाईसी की प्रगति कमजोर पाई गई है। कम प्रगति वाली पंचायतों के सचिवों के मानदेय पर रोक लगा दी गई है, जो कम से कम 75 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद ही हटाई जाएगी। संबंधित सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस बार जॉब कार्ड सत्यापन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें आधार से पहचान की पुष्टि हो रही है। इसका उद्देश्य मृत जॉब कार्ड धारकों के नाम हटाकर वास्तविक मजदूरों तक पारदर्शी और आसान तरीके से भुगतान सुनिश्चित करना है। ई-केवाईसी एनएमएस ऐप और पंचायत रोजगार सहायक के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा कराई जा रही









