शाहजहांपुर | Liberal Media
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री गुरुवार को शाहजहांपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार की नीतियों को देश को भ्रम, भय और विभाजन की राजनीति में झोंकने वाला करार दिया।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वे किसी भी प्रकार के दबाव से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “हमें जेल भेज दीजिए, वहां भी हमें 40 साल बाद मुक्ति मिल जाएगी। या फिर हमें गोली मार दीजिए, लेकिन हम सच बोलते रहेंगे।”
उन्होंने सजातीय मंत्रियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनके भीतर थोड़ी भी आत्मसम्मान और नैतिकता शेष है तो उन्हें मानसिक गुलामी से बाहर निकलकर सत्ता की चाकरी छोड़नी चाहिए और देश के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।
अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि पीसीएस व्यवस्था के माध्यम से देश की आत्मा पर हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि आज देश में “भ्रम की सरकार” चल रही है और यह सरकार जनसमर्थन खो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि यदि आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो भाजपा का खाता भी खुलना मुश्किल होगा।
केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “सेंटर में ऐसी पार्टी बैठी है जिसका देश की जनता से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मोदी के नाम का इस्तेमाल कर टिकट लिया जाता है और फिर हिंदू-मुस्लिम के नाम पर नफरत फैलाकर चुनाव जीते जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश की नौकरशाही को गुलाम बनाया जा रहा है। ईमानदार अधिकारियों को निलंबित किया जा रहा है, जबकि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।
अलंकार अग्निहोत्री ने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो जनता स्वयं सड़कों पर उतरकर सत्ता से हिसाब लेगी।
युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि डर की बेड़ियां तोड़कर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी पद या कुर्सी की नहीं, बल्कि देश के भविष्य की लड़ाई है।
अलंकार अग्निहोत्री के इन बयानों से शाहजहांपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्ता से जुड़े गलियारों में बेचैनी देखी जा रही है।









