पिपराइच के रामलीला मैदान में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. उमाशंकर शर्मा ने की। इस दौरान हिंदुओं से जाति, पंथ, भाषा, ऊंच-नीच और राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की गई।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास ने कहा कि सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है। राजनीतिक स्वार्थों के चलते समाज को बांटा गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि हिंदू अपने ही देश के कई राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। उन्होंने कहा कि जब हिंदू जागेगा तभी भारत विश्व गुरु बनेगा, अन्यथा आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र पाल सिंह ने भारतीय इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उंगलियां मिलकर मुट्ठी बनती हैं,








