उन्नाव। हिंदू–मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाने वाला ऐतिहासिक तकिया मेला पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गया है। मेले में इस बार भी पशु बाजार लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दूर-दराज के जिलों और अन्य प्रदेशों से व्यापारी उम्दा नस्ल के पशुओं के साथ यहां पहुंचे हैं।
पशु बाजार में खासतौर पर घोड़ों की भरमार देखने को मिल रही है। हाथरस, फतेहपुर, बांदा और राजस्थान से आए व्यापारी घोड़ों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। मेले में खरीदारों की भी अच्छी मौजूदगी है।
फिलहाल तकिया मेला सामाजिक सौहार्द, परंपरा और व्यापार का संगम बना हुआ है, जहां लोग मेले का आनंद लेने के साथ पशु बाजार में भी रुचि दिखा रहे हैं।








