हिंदू–मुस्लिम एकता का प्रतीक तकिया मेले का शुभारंभ , पशु बाजार बना आकर्षण का केंद्र

By Liberal Media

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उन्नाव। हिंदू–मुस्लिम एकता का प्रतीक माने जाने वाला ऐतिहासिक तकिया मेला इस वर्ष भी पूरे उत्साह और रौनक के साथ आरम्भ हो गया है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं। इस बार भी मेले का पशु बाजार लोगों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है।

पशु बाजार में दूर-दराज के जिलों और अन्य प्रदेशों से आए व्यापारी बेहतरीन नस्लों के पशुओं के साथ पहुंचे हैं। खास तौर पर घोड़ों की खरीद-बिक्री जोरों पर है। हाथरस, फतेहपुर, बांदा और राजस्थान से आए व्यापारी अपने उम्दा नस्ल के घोड़े बिक्री के लिए लाए हैं।

बांदा जिले से आए पूर्व सैनिक शिवसागर सिंह ने बताया कि उन्हें घोड़ा पालने का शौक है और उन्होंने अपने सफेद घोड़े की कीमत ढाई लाख रुपये तय की है। वहीं हाथरस से आए व्यापारी यासीन ने बताया कि मेला शुरू होते ही खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगती है। उन्होंने बताया कि पहले इस मेले में ऊंट और अन्य पशुओं की भी अच्छी-खासी बिक्री होती थी, लेकिन क्षेत्र में ऊंटों का प्रचलन कम होने के कारण बीते कई वर्षों से ऊंट व्यापारी मेले में नहीं आ रहे हैं।

तकिया मेला आज भी सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक परंपरा और व्यापार का अनूठा संगम बना हुआ है, जहां लोग मेले का आनंद लेने के साथ-साथ पशु खरीद-बिक्री भी कर रहे हैं।

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