गोला गोरखपुर। उपनगर गोला के डॉ. आंबेडकर बेवरी चौराहे पर गौतम बुद्धा सेवा समिति के तत्वावधान में क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में समिति के सदस्यों के साथ मुख्य अतिथि विशाल सैनी, विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य गब्बूलाल, कन्हैया लाल और समिति अध्यक्ष रणविजय ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले केवल भारत की पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे एक महान समाज सुधारक और नारी मुक्ति की अग्रदूत थीं। उन्होंने उस दौर में बालिका शिक्षा की अलख जगाई, जब लड़कियों को पढ़ाना सामाजिक अपराध माना जाता था। सावित्रीबाई फुले का मानना था कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है और शिक्षित महिला पूरे परिवार व समाज को आगे बढ़ाती है।
वक्ताओं ने उनके प्रसिद्ध विचार “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा” को याद करते हुए कहा कि आज भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं।








