फर्जी पहचान पर 30 साल तक सरकारी नौकरी! पाकिस्तान की महिला यूपी में बनी शिक्षिका, सिस्टम पर बड़ा सवाल

By Liberal Media

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Rampur| Liberal Media
मुरादाबाद मण्डल। उत्तर प्रदेश में सरकारी तंत्र की लापरवाही को उजागर करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पाकिस्तान की रहने वाली एक महिला ने फर्जी दस्तावेजों और झूठी पहचान के सहारे न केवल भारतीय नागरिकता हासिल की, बल्कि वर्ष 1992 में सरकारी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी भी पा ली।
जानकारी के मुताबिक महिला का मूल नाम ‘फरजाना’ बताया जा रहा है, जो पाकिस्तान की नागरिक थी। भारत आने के बाद उसने अपनी पहचान छिपाई और नाम बदलकर ‘माहिरा’ रख लिया। आरोप है कि फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र और दस्तावेजों के सहारे वह सरकारी सेवा में चयनित हो गई और वर्षों तक बच्चों को पढ़ाती रही।
सूत्रों के अनुसार, महिला ने पहले पाकिस्तान में शादी की थी, लेकिन पति से विवाद के बाद भारत लौट आई। इसके बाद रामपुर निवासी एक व्यक्ति से शादी कर उसने खुद को भारतीय नागरिक बताना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह है कि इतने वर्षों तक न तो शिक्षा विभाग ने दस्तावेजों की गंभीर जांच की और न ही खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक लगी।
मामला उजागर होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि एक विदेशी नागरिक इतने लंबे समय तक सरकारी नौकरी कैसे करता रहा? क्या इसमें विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत थी या यह महज़ लापरवाही का नतीजा?
फिलहाल जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और पूरे मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है। अगर आरोप सही पाए गए तो यह मामला सिर्फ फर्जीवाड़े का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी बन सकता है।

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