रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के बड़े घोटाले पर कार्रवाई तेज हो गई है। शासन के निर्देश पर डीपीआरओ विभाग ने निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले दिन 238 फर्जी प्रमाणपत्र रद्द किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि जिले में 52 हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए थे, जिनमें यूपी के बाहर रहने वालों व बांग्लादेशियों तक के नाम शामिल हैं। सलोन विधानसभा क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में भारी संख्या में दस्तावेज जारी किए गए थे।
एटीएस की जांच में मामला सामने आने के बाद विजय यादव, जनसुविधा केंद्र संचालक जिशान सहित कई लोग गिरफ्तार हुए थे। बाकी प्रमाणपत्रों की जांच कर निरस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है।
सीडीओ अंजूलता ने मीडिया से जानकारी की पुष्टि की है।








