–फरार ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी और मुआवज़े की मांग पर घंटों चक्काजाम, प्रशासन को देना पड़ा लिखित आश्वासन
● अजीत सिंह
गोरखपुर(ब्यूरो)। गोरखपुर जनपद में दो शिक्षकों की दर्दनाक मौत के बाद मंगलवार को जनाक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। न्याय, कार्रवाई और सम्मानजनक मुआवज़े की मांग को लेकर परिजन और सैकड़ों ग्रामीण शवों के साथ सड़क पर उतर आए। गीडा और हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र में घंटों चला चक्काजाम हालात को तनावपूर्ण बना गया और प्रशासन को अंततः लिखित आश्वासन देना पड़ा।
सोमवार को गीडा थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से प्राचार्य रामपाल चौधरी और शिक्षक सुबोध गौतम की मौके पर ही मौत हो गई थी। दोनों शिक्षा जगत के सम्मानित और समर्पित चेहरे थे। हादसे के बाद से गांवों में शोक का माहौल था, लेकिन आरोपी ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी न होने और मुआवज़े को लेकर प्रशासनिक सुस्ती ने लोगों के धैर्य की सीमा तोड़ दी।
मंगलवार सुबह करीब छह बजे हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र के कटसहड़ा–सोनबरसा मार्ग स्थित पचौरी चौराहे पर ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। दोनों शिक्षकों के शव सड़क पर रखकर मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया गया। देखते ही देखते यातायात ठप हो गया, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और हालात विस्फोटक होते चले गए।
प्रदर्शनकारियों की साफ मांग थी-हादसे के जिम्मेदार फरार ट्रैक्टर चालक की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक मुआवज़ा और प्रशासन की जवाबदेही तय की जाए। घंटों की मशक्कत, समझाइश और बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन को लिखित आश्वासन देना पड़ा, तब जाकर जाम खुल सका।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, लापरवाह वाहनों और हादसों के बाद प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो सड़कों पर शव रखकर प्रदर्शन की नौबत नहीं आती।








