जलालाबाद, शाहजहांपुर। जनपद में सामने आया यह मामला महज जीएसटी चोरी का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध का है, जिसमें गरीब मजदूरों की पहचान को ढाल बनाकर करोड़ों रुपये के राजस्व की लूट की गई। आरोप है कि जलालाबाद के व्यापारी मनोज टाटा और बरेंडा निवासी राजीव गुप्ता उर्फ डिस्को ने गुनारा गांव निवासी पल्लेदार मोईन के नाम पर फर्जी फर्म हिंदुस्तान ट्रेडिंग कम्पनी खड़ी कर करीब ढाई करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी को अंजाम दिया।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2021 में जब इस घोटाले की परतें खुलनी शुरू हुईं और रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश तक जारी हो गए, तभी से पूरा तंत्र अचानक सक्रिय हो गया। आरोप है कि इसके बाद कथित जीएसटी माफियाओं ने सिस्टम की कमजोर कड़ियों का फायदा उठाया, फाइलों की दिशा बदली गई और कार्रवाई को जानबूझकर उलझाया गया, जिससे मामला कागजों में ही दबकर रह गया। बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर कार्रवाई किसके इशारे पर रोकी गई।








