शाहजहांपुर/कलान। कस्बा कलान में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर उस वक्त केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि करुणा और संवेदना की मिसाल बन गया, जब वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. के.पी. गुप्ता ने एक भूखे बुजुर्ग की पीड़ा को महसूस कर इंसानियत का ऐसा परिचय दिया, जिसने हर आंख नम कर दी।
शिविर में जांच कराने पहुंचे एक बुजुर्ग ने जब डॉ. गुप्ता से कहा कि उसे कोई दवा फायदा नहीं करती, तो उन्होंने सहज भाव से कारण पूछा। बुजुर्ग ने टूटे स्वर में बताया कि उसके पास खाने के लिए कुछ नहीं है और कभी-कभार मिले बाजरे के आटे से ही जीवन कट रहा है। यह सुनते ही डॉ. गुप्ता भावुक हो उठे और बोले-“जब पेट खाली हो, तो दवा भी बेअसर हो जाती है।”
डॉ. के.पी. गुप्ता ने बिना देर किए उस बुजुर्ग को भोजन का पैकेट उपलब्ध कराया और ठंड से बचाव के लिए एक कंबल भी भेंट किया। उनका यह मानवीय व्यवहार देख शिविर में मौजूद लोग भावुक हो गए और वातावरण तालियों व सराहना से भर उठा।
इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में जहां सैकड़ों जरूरतमंदों को चिकित्सीय लाभ मिला, वहीं डॉ. के.पी. गुप्ता का यह संवेदनशील कदम समाज को यह संदेश दे गया कि सच्चा इलाज केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि भूख समझने, दर्द महसूस करने और दिल से हाथ बढ़ाने से होता है।












