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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में कोच की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। पूर्व कप्तान कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह पारंपरिक कोच की बजाय एक मैनेजर की तरह काम कर रहे हैं। कपिल देव के अनुसार आज के दौर में टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों पर ज़्यादा फैसले छोड़ रहा है और कोच का दखल सीमित होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कोच का काम रणनीति बनाने और माहौल संभालने तक सिमट गया है, जबकि मैदान पर फैसले खिलाड़ी खुद ले रहे हैं। कपिल देव के इस बयान के बाद क्रिकेट गलियारों में कोच की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।








