जनपद में सिगरेट और पान मसाला उत्पादों की कालाबाजारी विगत एक माह से चरम पर बताई जा रही है। बाजार में निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ दुकानदार कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर उत्पादों को ऊंची कीमतों पर बेच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ ब्रांडेड सिगरेट और लोकप्रिय पान मसाला पाउच पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक वसूली की जा रही है। 18 रुपये की सिगरेट 25 रुपये तक में बेची जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है, जहां उपभोक्ताओं के पास सीमित विकल्प होने का फायदा उठाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आपूर्ति बाधित होने की अफवाह फैलाकर जानबूझकर स्टॉक रोका जा रहा है, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बन सके और ऊंचे दाम वसूले जा सकें। हालांकि प्रशासन की ओर से समय-समय पर छापेमारी और जांच के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
व्यापार विभाग के सूत्रों के अनुसार, यदि एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाजार की नियमित निगरानी सुनिश्चित कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
सिगरेट व पान मसाला पर जमकर हो रही कालाबाजारीशाहजहांपुर/संवाददाता।
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