Shahjahanpur | Liberal Media
शाहजहांपुर। अखंड दीपक की जनशताब्दी के शुभ अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार, 22 फरवरी 2026 को गायत्री शक्तिपीठ चिनौर में अनुयाज संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रेरक संदेश था— “या तो अभी या कभी नहीं।”
कार्यशाला में उपजोन प्रभारी श्री अजय वीर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ जिला समन्वयक सूरज वर्मा, समस्त ब्लॉक समन्वयक, सह-समन्वयक, आंदोलन प्रभारी तथा जिला समन्वय समिति के सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मनमोहन एवं संत कुमार पाठक द्वारा प्रज्ञा पाठ से हुआ, जिससे आध्यात्मिक वातावरण का सृजन हुआ। इसके पश्चात मंजू दीदी, शिवानी बहन एवं गीता दीदी ने प्रज्ञा गीत “कुछ काम प्रभु का कर लो रे, मन की भटकावों छोड़ो” प्रस्तुत कर भावपूर्ण वातावरण निर्मित किया।
उपजोन प्रभारी अजय वीर सिंह ने परम पूज्य गुरुदेव का संदेश साझा करते हुए संगठनात्मक सुदृढ़ता पर बल दिया। कार्यशाला में प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई—
प्रज्ञा संस्थान एवं शक्तिपीठों की कार्यप्रणाली कैसी हो
संगठन एवं कार्ययोजना का स्वरूप
आदर्श कार्यकर्ता की भूमिका
शताब्दी अनुयाज संकल्प पत्र का जिला, उपजोन एवं जोन स्तर तक विस्तार
समस्या, सुझाव एवं समाधान पर संवाद
इसके अतिरिक्त 26 मार्च तक समस्त ब्लॉकों में समन्वय समितियों के गठन या पुनर्गठन, प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल एवं युवा मंडलों की समीक्षा, ज्योति कलश यात्रा की रूपरेखा तथा नियमित एक घंटे के समयदान हेतु दानदाताओं की सूची तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सभी तहसीलों एवं ब्लॉकों के समन्वयकों ने अपने सुझाव, समस्याएं एवं समाधान प्रस्तुत किए।
अंत में जिला समन्वयक सूरज वर्मा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने का आह्वान किया। गायत्री शक्तिपीठ गौहरपुरा के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजाराम मौर्य तथा गायत्री शक्तिपीठ चिनौर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी पी.के. सिंह ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण एवं आध्यात्मिक जागरण के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ।








