शाहजहांपुर। वृद्धों की पेंशन पर डाका डालने वाले गिरोह के सरगना और तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी रहे राजेश कुमार पर आखिरकार कानून का हथौड़ा गिर ही गया। वर्षों से सरकारी योजनाओं को लूट का अड्डा बना चुके इस अफसर की करीब 4.49 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 14(1) के तहत यह सख्त कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दे दिया है कि गरीबों की हक की रकम हड़पने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।
जून 2023 में उजागर हुए वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में राजेश कुमार को गैंग लीडर बताया गया है। जांच में सामने आया कि घोटाले की कमाई से उसने आलीशान गाड़ियां और महंगी संपत्तियां खड़ी कर लीं। कुर्क की गई संपत्तियों में राजेश कुमार के नाम पंजीकृत महिंद्रा एक्सयूवी और महिंद्रा बोलेरो, जबकि उसके बेटे के नाम होंडा एलिवेट जेडएक्स कार शामिल है।
इतना ही नहीं, सीतापुर जिले की तहसील सिंधौली के ग्राम अटरिया स्थित उसकी कृषि भूमि, पत्नी मंगिता सिंह के नाम लखनऊ के पारा रिंग रोड पर बना 120.817 वर्गमीटर का भवन, और काकोरी परगना के ग्राम सरोसा भरोसा स्थित एक गेस्ट हाउस भी प्रशासन की कार्रवाई की जद में आ चुका है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। घोटाले में शामिल हर व्यक्ति की अवैध कमाई जब्त होगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
करोड़ों के पेंशन घोटाले में प्रशासन का करारा प्रहार, पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी की 4.49 करोड़ की संपत्ति कुर्क
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