वृंदावन के प्रसिद्ध संत सुदामा जी महाराज के आश्रम के शताब्दी महोत्सव के अवसर पर कुंभ मेला बैठक के अंतर्गत संत-समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सहभागिता की। देशभर से आए संत-महात्माओं की उपस्थिति में यह आयोजन आध्यात्मिक और वैचारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
संतों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज जातियों में बंटने के लिए नहीं है, बल्कि उसकी सबसे बड़ी शक्ति एकता और समरसता है। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर रहना होगा और हिंदुत्व को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संतों से आह्वान किया कि वे सामाजिक समन्वय, राष्ट्रहित और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।
शताब्दी महोत्सव में वृंदावन के अनेक प्रमुख संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में संत सुतीक्ष्ण दास महाराज, ज्ञान आनंद महाराज, राजेंद्र दास जी महाराज, साध्वी ऋतंभरा








