●मनीष शर्मा
वृंदावन/मथुरा | उत्तर प्रदेश ठाकुर बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट विधेयक, 2025 के कानून बनने के बाद तीर्थनगरी वृंदावन में विरोध तेज हो गया है। गोस्वामी समाज की महिलाओं ने बुधवार को बांके बिहारी मंदिर परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार के फैसले को परंपराओं और सेवायत अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने चबूतरे पर बैठकर नारेबाजी की और कानून को वापस लेने की मांग की। गोस्वामी समाज की नीलम गोस्वामी ने कहा कि यह विधेयक केवल मंदिर प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही सेवा परंपराओं और अधिकारों को समाप्त करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना संवाद और सहमति के कानून बनाकर मंदिर के सरकारीकरण की राह खोली जा रही है।
श्यामा गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोस्वामी समाज ठाकुर जी की सेवा पद्धति में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।
प्रदर्शन के दौरान “मंदिर हमारी आस्था है, सरकारी संपत्ति नहीं” जैसे नारे गूंजते रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी से मंदिर परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। कानून लागू होने के बाद से वृंदावन के सेवायत समाज में आक्रोश है और आगे कानूनी व सामाजिक संघर्ष की रणनीति बनाई जा रही है।









