केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद शराब की कीमतों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बजट में टैक्स ढांचे में किए गए बदलावों के चलते उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में शराब महंगी होने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा प्रस्तुत बजट में टैक्स-कलेक्टेड-एट-सोर्स (TCS) सहित कुछ शुल्कों में वृद्धि की गई है, जिसका असर शराब और तंबाकू जैसे उत्पादों की खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जो शराब की बोतल पहले लगभग 1000 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब 1050 से 1100 रुपये या उससे अधिक हो सकती है। हालांकि अंतिम दाम राज्यों की आबकारी नीति और एक्साइज ड्यूटी पर निर्भर करेंगे।
उत्तराखंड में पहले से ही वैट और एक्साइज से जुड़े संशोधनों के कारण शराब के दाम बढ़े हुए हैं, ऐसे में बजट का असर वहां और ज्यादा महसूस हो सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी नई आबकारी नीति और लाइसेंस शुल्क में बदलाव के चलते कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।
बजट के बाद संभावित महंगाई से नियमित शराब उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि सरकार को इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।














