नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने संसद में बजट 2026 पेश करते हुए आम जनता, मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे कारोबारियों को ध्यान में रखकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बजट में जहां रोजमर्रा की कुछ वस्तुओं को सस्ता किया गया है, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन पर बड़े निवेश का ऐलान किया गया है।
रोजमर्रा की चीजों में राहत
बजट में व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात होने वाले कई सामानों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिससे मोबाइल एक्सेसरी, बैटरी, जूते-चप्पल जैसे उत्पाद सस्ते हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ जीवनरक्षक दवाइयों की कीमतें घटाने का भी प्रावधान किया गया है।
टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव नहीं
आयकर स्लैब में इस बार कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया है, हालांकि टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने और कुछ नियमों में संशोधन की घोषणा की गई है। सरकार का कहना है कि इससे करदाताओं को सहूलियत मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
सरकार ने सड़कों, रेलवे, हाई-स्पीड रेल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बड़े पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया है। इससे न केवल विकास को गति मिलेगी बल्कि लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
किसान और MSME को सहारा
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादकता सुधारने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई है। वहीं छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के लिए विशेष फंड की व्यवस्था कर उन्हें सस्ता ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस
देश में नए मेडिकल हब स्थापित करने, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का ऐलान किया गया है। शिक्षा क्षेत्र में भी डिजिटल और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने की योजना है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 को विकासोन्मुखी बजट माना जा रहा है, जिसमें आम जनता को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से राहत देने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।














