शाहजहाँपुर। तहवरगंज स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं शिव परिवार मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत श्री विष्णु महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ अरणी मंथन के साथ हुआ। युजुर्वेद के वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य प्राचीन ऋषि-मुनियों की परंपरा का अनुसरण करते हुए अरणी मंथन द्वारा अग्नि प्रज्वलित की गई, जिससे संपूर्ण यज्ञ प्रांगण वैदिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।
यज्ञाचार्य कुलदीप शास्त्री ने बताया कि यज्ञ से वातावरण की शुद्धि होती है तथा नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ की परिक्रमा करने मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप क्षीण हो जाते हैं और मानव जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का संचार होता है। वेद मंत्रों के पावन उच्चारण से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में गुंजायमान रहा।
महोत्सव के दूसरे दिन श्रीमद्भागवत कथा के क्रम में बाल कथाव्यास पंडित मोहित शास्त्री ने चतुर्थ स्कंध के अंतर्गत धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के माध्यम से दक्ष प्रजापति की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य का धर्म डगमगा जाता है, तब दक्ष के समान उसका मान और यश भी नष्ट हो जाता है।
भव्य विष्णु महायज्ञ एवं कथा आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभाग कर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं। इस अवसर पर पंडित आशीष द्विवेदी, आचार्य अशोक द्विवेदी, अजय मिश्रा, संजय मिश्रा, अनिल मिश्रा, प्रियांशु मिश्रा सहित अनेक श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
अरणी मंथन संग श्री विष्णु महायज्ञ का शुभारंभ, कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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