वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जीओ गोर ने ग़ज़ा में शांति स्थापना के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र को सार्वजनिक किया है। यह पत्र ग़ज़ा संघर्ष के समाधान और वैश्विक शांति प्रयासों को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पत्र में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को ग़ज़ा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का आमंत्रण देते हुए लिखा है कि यह उनके लिए सम्मान की बात होगी कि भारत इस ऐतिहासिक और निर्णायक शांति प्रयास का हिस्सा बने। ट्रंप ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक नई और प्रभावी रणनीति अपनाना है।
पत्र के अनुसार, ग़ज़ा संघर्ष को समाप्त करने के लिए 25 सितंबर 2025 को एक व्यापक योजना प्रस्तुत की गई थी, जिसे विश्व के कई प्रमुख नेताओं, इस्राइल और यूरोप के देशों ने समर्थन दिया। इसके बाद 17 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस प्रस्ताव को समर्थन देते हुए प्रस्ताव संख्या 2803 पारित की।
ट्रंप ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ अब तक की सबसे सशक्त और प्रभावशाली शांति पहल होगी, जिसके तहत एक अंतरराष्ट्रीय बोर्ड और संक्रमणकालीन प्रशासन की स्थापना की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जैसे जिम्मेदार और प्रभावशाली देश की भागीदारी से स्थायी शांति का लक्ष्य साकार हो सकेगा।
अमेरिकी राजदूत द्वारा पत्र साझा किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में इस पहल को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को नई दिशा मिल सकती है।
अमेरिका ने साझा किया ग़ज़ा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर पीएम मोदी को ट्रंप द्वारा भेजा गया पत्र
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