नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए कहा कि AI के युग में मानव को केवल “डेटा पॉइंट” के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक का उपयोग लोकतांत्रिक और मानव-केंद्रित होना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में शिक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से ढालने की जरूरत है। बच्चों को केवल सूचना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आलोचनात्मक सोच (क्रिटिकल थिंकिंग) और समस्या समाधान की क्षमता सिखाना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को AI टूल्स का उपयोग करना सीखना चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में यह कौशल बेहद आवश्यक होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है, न कि इंसानों को मशीनों के बराबर आंकना। इसलिए AI के विकास और उपयोग में नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।











