Vrindavan | Liberal Media
वृंदावन। राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वावधान में मारुति नगर स्थित सीएल शिशु शिक्षा निकेतन में संस्थापक पंडित चंद्र लाल शर्मा की अध्यक्षता में यूजीसी कानून के विरोध में विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रमुख वक्ता स्वामी श्री आनंद स्वरूप महाराज ने यूजीसी कानून का कड़ा विरोध करते हुए इसे “काला कानून” बताया। उन्होंने कहा कि इस कानून की समाज के किसी वर्ग ने मांग नहीं की है और यह जातीय संतुलन को प्रभावित करने वाला कदम है।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की नीतियों पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने मंदिरों के अधिग्रहण, कॉरिडोर निर्माण और धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन को लेकर सरकार की मंशा पर चिंता जताई। बांके बिहारी मंदिर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मंदिर की परंपराओं और स्वायत्तता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में पंडित चंद्र लाल शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य आनंद गोस्वामी, पंडित अखिलेश तिवारी, छाया गौतम, पंडित सुरेश चंद्र शर्मा, जगदीश कौशिक, रामनारायण बृजवासी, डॉ. आर.सी. द्विवेदी, सौरव गौड़ सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी कानून के विरोध में आगे भी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।








