विजया एकादशी पर दूल्हा बने काशी विश्वनाथ

By Liberal Media

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52 थाल चढ़ावे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

वाराणसी।विजया एकादशी की संध्या पर काशी में बाबा विश्वनाथ का दूल्हा स्वरूप साकार हुआ। बांसफाटक स्थित धर्म निवास से टेढ़ीनीम तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें डमरू, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचबदन चल प्रतिमा पर सगुन की हल्दी अर्पित की गई। हल्दी लगते ही बाबा का स्वरूप दूल्हे के तेज से आलोकित हो उठा। महिलाओं ने मंगलगीत गाए और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

शोभायात्रा की विशेषता 52 थालों में सजा चढ़ावा रहा। हल्दी, चंदन, फल और मांगलिक सामग्री से सजे थाल श्रद्धालुओं ने सिर पर रखकर यात्रा में सहभागिता की। बाबा के ससुराल माने जाने वाले सारंगनाथ मंदिर से पगड़ी बांधे ससुरालीजन भी परंपरा निभाने पहुंचे।

आयोजन में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने विधि-विधान से पूजन कराया। सायंकाल नवरत्न जड़ित छत्र के नीचे बाबा का भव्य और राजसी श्रृंगार किया गया, जिसे देखने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

विजया एकादशी पर संपन्न यह रस्म शिव विवाह की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है। अब महाशिवरात्रि तक काशी में विवाहोत्सव की तैयारियां जारी रहेंगी।

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