बलिया। बेल्थरारोड में सोमवार को आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह प्रांत प्रचारक सुरजीत ने हिंदुत्व, भारतीय संस्कार और संस्कृति की रक्षा के लिए सभी हिंदुओं से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत का मूल ही हिंदुत्व है, जिसे कमजोर करने वाले षड्यंत्रों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने भी हिंदू समाज में एकता और सामाजिक जागरूकता पर बल दिया। खैरा मठ के महंत भरत दास जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा प्रत्येक हिंदू का धर्म और कर्तव्य है। वहीं, राजेंद्र बरनवाल और मीनाक्षी मिश्रा ने अपने भाषणों में समाज में सहिष्णुता, सांस्कृतिक जागरूकता और धार्मिक मूल्यों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन का संचालन आलोक गिरी ने किया, जिसमें पूर्व विधायक गोरख पासवान, धनंजय कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में संत, स्वयंसेवक और समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
सुरजीत ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को बचाने के लिए प्रत्येक हिंदू को अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा और पड़ोसी देशों में हिंदुओं के उत्पीड़न के प्रति सतर्क रहकर उनके लिए आवाज उठानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर हिंदू समाज की एकता और जागरूकता ही किसी भी चुनौती का सामना करने की कुंजी है।
सम्मेलन में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने जोर देकर कहा कि हिंदुत्व और भारतीय संस्कृति की रक्षा में युवा और समाज के प्रत्येक सदस्य को सक्रिय भागीदारी निभानी होगी, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए धर्म, संस्कृति और परंपरा सुरक्षित रह सके।








