लखनऊ। विश्व दिव्यांग दिवस 2025 के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग कल्याण को लेकर सरकार के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले दिव्यांगजन मात्र 300 रुपये की पेंशन पर निर्भर थे, वह भी बिना भ्रष्टाचार के मिलना मुश्किल था। हमारी सरकार ने न केवल इस पेंशन को बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किया है बल्कि अब तक 11 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को इसका सीधा लाभ लगातार दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग समाज को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। पहले जहां लाभार्थियों को योजनाओं का फायदा पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं आज पेंशन सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और दिव्यांगों के लिए शिक्षा, रोजगार व पुनर्वास की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांग खिलाड़ियों, छात्रों एवं प्रेरक व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह कमजोर वर्गों के साथ खड़ा होता है। राज्य सरकार आगामी वर्षों में दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु और योजनाओं को भी तेजी से लागू करने की दिशा में कार्य करेगी।














