शाहजहांपुर।
महानगर के प्रतिष्ठित ‘वरदान लेज़र डेंटल क्लीनिक’ के वरिष्ठ दंत विशेषज्ञ डॉ. के.पी. सक्सेना ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और नया आयाम जोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का गौरव बढ़ाया है। डॉ. सक्सेना ने इटली की सुप्रसिद्ध ‘यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिकासो’ (University of Picasso, Italy) से लेज़र डेंटिस्ट्री में फेलोशिप प्राप्त की है।
उत्तर प्रदेश से एकमात्र सफल चिकित्सक
इस फेलोशिप कार्यक्रम के अंतर्गत पुडुचेरी के कड्डालोर जिले में छह दिवसीय गहन प्रशिक्षण, लेक्चर और परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का संचालन इटली यूनिवर्सिटी की कोर्स डायरेक्टर सुगन्या सेल्वर्गम द्वारा किया गया। परीक्षा में कन्याकुमारी, आंध्र प्रदेश, वेल्लोर, तमिलनाडु और केरल के कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया था। विशेष बात यह रही कि इस कठिन परीक्षा में उत्तर प्रदेश से केवल डॉ. के.पी. सक्सेना ने सफलता प्राप्त कर शाहजहांपुर का नाम रोशन किया।
अब शाहजहांपुर में मिलेगा दर्द रहित इलाज
अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और बड़ों के आशीर्वाद को देते हुए डॉ. सक्सेना ने कहा कि लेज़र तकनीक आज विश्वभर में दंत चिकित्सा का भविष्य बन चुकी है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब शाहजहांपुर के मरीजों को भी महानगरों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें “बिना दर्द, बिना खून निकले और बिना टांके लगे” सुरक्षित उपचार किया जा सकता है।
एडवांस मशीनों से जटिल रोगों का निदान
डॉ. सक्सेना ने जानकारी दी कि क्लीनिक में अब 980, 810 और 660 वेवलेंथ वाली एडवांस लेज़र मशीनें उपलब्ध हैं। साथ ही, फ़ोटोबायोमॉड्यूलेशन थेरेपी (Photobiomodulation Therapy) टिश्यू में मौजूद माइटोकॉन्ड्रिया पर कार्य कर दर्द से तुरंत राहत प्रदान करती है।
इन बीमारियों में कारगर होगी यह तकनीक:
डॉ. सक्सेना के अनुसार, अब निम्नलिखित समस्याओं का इलाज बेहद आसानी से और आधुनिक तरीके से संभव होगा:
- चेहरे व जबड़े का दर्द: जबड़े में कटकट की आवाज, सिरदर्द, चेहरे की मांसपेशियों का दर्द।
- नसों की समस्याएं: बेल्स पाल्सी (Bell’s Palsy) और ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया।
- मसूड़ों की बीमारियां: जटिल पायरिया, मुंह से खून आना।
- अन्य समस्याएं: मुंह का कम खुलना, कान में सीटी बजना (Tinnitus), मुंह में सफेद दाग।
- एडवांस ट्रीटमेंट: एक दिन में आरसीटी (Single Sitting RCT), इंप्लांट संबंधी उपचार।
- बच्चों व वयस्कों की सर्जरी: बच्चों के दांत देर से निकलने पर मसूड़ों को हटाना, अक्ल दाढ़ में मसूड़े की समस्या, और बच्चों में तुतना–काटना (Tongue-tie) जैसी समस्याएं।
डॉ. सक्सेना की इस उपलब्धि पर शहर के गणमान्य नागरिकों और चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी है।








